केवल Nepotism ही क्यो Castism पर बात क्यो नही?
सुशांत सिंह राजपूत जैसी प्रतिभा को बॉलीवुड में मात्र नेपोटिज़्म( परिवारवाद) का सामना करना पड़ता मगर दूसरा पहलू जहा पर कुछ लोगो को परिवारवाद के साथ साथ जातिवाद का भी शिकार होना पड़ता है उन्हें तो उस खोल की ऊपरी परत को छूने का अवसर भी प्राप्त नही हो पाता। जिसको कंगना, सुशांत, नवाजुद्दीन ने प्राप्त किया।
पहले एंगल ने प्रतिभाशाली एक्टर की जान ली और दूसरा एंगल हर रोज कितनी प्रतिभाओं का गला घोंट रहा है इसका कोई आंकड़ा नही।
और यह बॉलीवुड ही नही साउथ सिनेमा, भोजपुरी सिनेमा में भी खूब है।
यशपाल सिंह

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें